उत्तर भारत में सितंबर का पहला बारिश का दौर, WD से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में भी सक्रिय होगा

मौसम_अपडेट –उत्तर भारत में सितंबर का पहला बारिश का दौर, WD से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में भी सक्रिय होगा मॉनसून उत्तर भारत में जल्द ही सितंबर महीने का पहला बारिश का दौर शुरू होने वाला है, जिसका असर इस समय मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के इलाकों में देखने को मिल रहा है।

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के लिए भी बारिश का दौर सक्रिय रहेगा क्योंकि तीन सिस्टम एक साथ उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों को प्रभावित करेंगे।

पहले उत्तर भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक आएंगे, जिसके कारण पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां होंगी।
इसके साथ-साथ मानसून की एक्सिस पहाड़ी इलाकों से उतरकर मैदानी इलाकों में आ जाएगी और साथ में बंगाल की खाड़ी से आया बनकर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र इस समय झारखंड पर मौजूद है, जो आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के बाद पूर्वी राजस्थान तक आएगा, जिसके कारण मानसून की एक्सिस का पूर्वी हिस्सा भी तराई से उतरकर मैदानी इलाकों पर सक्रिय हो जाएगा।

इन सब सिस्टम के आने से जिन मैदानी इलाकों में पिछले 1 महीने से सूखा मौसम चल रहा है, इन इलाकों में बारिश की गतिविधियां फिर से देखने को मिलेंगी।

कल का मौसम पूर्वानुमान

इस समय एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र लो प्रेशर एरिया के रूप में झारखंड पर मौजूद है, जो कल पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों पर आ जाएगा।

एक ताजा सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ इस समय जम्मू कश्मीर और साथ लगते उत्तर पाकिस्तान पर मौजूद है।

मानसून एक्सिस इस समय जम्मू, चंडीगढ़, बरेली, वाराणसी से होते हुए झारखंड पर बने लो प्रेशर एरिया से गुजर रही है, जो आने वाले दिनों के अंदर फिरोजपुर, सिरसा, हिसार, सीकर, जयपुर, भोपाल तक दक्षिण की यात्रा करेगी।

कल पश्चिमी विक्षोभ के असर से गिलगित बाल्टिस्तान, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी और कुछ जगह भारी बारिश की भी संभावना है।

उत्तराखंड में भी ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, कुछ जगह भारी बारिश और कहीं-कहीं अति भारी बारिश भी संभव है, खासकर पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, अल्मोड़ा जिले में।

उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों के अंदर कल छिटपुट तौर पर हल्की से मध्यम बारिश होगी और कुछ जगह भारी बारिश होगी। बुंदेलखंड और दक्षिण पूर्वांचल के जिलों में कल कुछ जगह भारी से अति भारी बारिश भी संभव है।

पंजाब के उत्तर, उत्तर पूर्वी और दक्षिण पूर्वी जिलों के अंदर कल छिटपुट तौर पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, कुछ जगह भारी बारिश भी संभव है, जबकि दक्षिण पश्चिम और पश्चिमी जिलों के अंदर गरज चमक के साथ छिटपुट हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। कहीं-कहीं तेज बौछारें गिर सकती हैं।

हरियाणा में भी कल मॉनसून ज्यादातर जिलों में सक्रिय नजर आएगा। पश्चिमी विक्षोभ और मानसून ट्रफ के दक्षिणवर्ती होने के कारण हरियाणा के उत्तर, मध्य, पूर्वी और दक्षिण पूर्वी जिलों के अंदर छिटपुट तौर पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी जिलों के अंदर कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बन रही है।

राजस्थान के उत्तर पूर्वी जिलों और पूर्वी जिलों के अंदर हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना कल एक महीने बाद नजर आ रही है, जिसमें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर जिले में। बाकी राजस्थान में मौसम साफ और गर्म बना रहेगा, साथ में छिटपुट हल्की बादलवाही भी देखी जा सकती है, मगर बारिश की संभावना नहीं है।

मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों और उत्तर पूर्वी जिलों के अंदर कल बड़े पैमाने पर बारिश होगी, कुछ जगह भारी बारिश भी संभव है। मध्य प्रदेश के उत्तर पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की भी संभावना है। मध्य प्रदेश के केंद्रीय जिलों के अंतर्गत कल जगह-जगह हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि पश्चिमी जिलों के अंदर मौसम साफ रहेगा। कभी-कभी बूंदाबांदी हो सकती है, मगर कोई बड़ी बारिश की संभावना पश्चिमी जिलों में नहीं है।

आगे का मौसम पूर्वानुमान

उत्तर भारत को ताजा पश्चिमी विक्षोभ 2 दिन के लिए प्रभावित करेगा, जिसमें कल और परसों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के इलाकों में हल्की बारिश की गतिविधियां पश्चिमी विक्षोभ से होगी, जबकि खाड़ी से आ रहा लो प्रेशर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के इलाकों में लगातार बारिश देगा।

चार और पांच सितंबर को नए पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की तरफ आएंगे। इसके साथ मध्य भारत पर बना लो प्रेशर का सिस्टम भी होगा, जिसके कारण पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।

7 सितंबर से पूरे उत्तर भारतीय मौसम साफ होने लगेगा। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में मौसम साफ हो जाएगा और फिर से दक्षिण पश्चिमी हवाओं का जोर प्रभावित हो जाएगा।

मगर जैसे ही इस पहाड़ी सिस्टम का आगे जाते हुए पुश वाला असर कमजोर होगा, तो मध्य भारत पर बना सिस्टम फिर से सक्रिय होते हुए पश्चिम की तरफ बढ़ेगा। उत्तर भारत में एक और बारिश का दौर 10 या 11 सितंबर के आसपास फिर से देखा जा सकता है। हालांकि यह दौर पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान तक सीमित रहेगा। पश्चिमी राजस्थान में इस सिस्टम से भी बारिश की संभावना नहीं है।

आगे की जानकारी समयानुसार दे दी जाएगी।

पोस्ट ऑल क्रेडिट sahil bhatt

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